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नवाज़ शरीफ़ से गलबहियां कर देश के जांबाजों की शहादत का अपमान कर रहे हैं मोदी जी: AAP

पाकिस्तान में जाधव को फांसी की तैयारी और भारत द्वारा पाकिस्तानी क़ैदियों की रिहाई, क्या यही मोदी जी का राष्ट्रवाद है 
 
नवाज़ शरीफ़ से गलबहियां कर देश के जांबाजों की शहादत का अपमान कर रहे हैं मोदी जी: AAP
 
 
सोमवार को भारत द्वारा पाकिस्तानी क़ैदियों को छोड़ा जाना यह साफ़ साबित करता है कि भारत में दो तरह की विदेश नीति चल रही हैं क्योंकि एक तरफ़ तो विदेश मंत्री कहती हैं कि आतंकवाद और बातचीत साथ-साथ नहीं चल सकते और दूसरी तरफ़ भारत के प्रधानमंत्री पाकिस्तानी प्रधानमंत्री के साथ गलबहियां कर रहे हैं। एक तरफ़ तो पाकिस्तान भारतीय नागरिक कुलभूषण जाधव को फांसी देने की तैयारी कर रहा है तो दूसरी तरफ़ पाकिस्तानी क़ैदियों को छोड़ कर मोदी जी भारतीय सैनिकों की शहादत का अपमान कर रहे हैं।
 
इस मुद्दे पर आयोजित प्रैस कॉंफ्रेंस में बोलते हुए आम आदमी पार्टी के वरिष्ठ नेता और राष्ट्रीय प्रवक्ता आशुतोष ने कहा कि भाजपा के लोग देश में राष्ट्रवाद की बात करते हैं और किसी को भी देशद्रोही का प्रमाणपत्र दे देते हैं लेकिन उनके नेता और देश के प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी पाकिस्तानी प्रधानमंत्री के साथ गलबहियां करते हुए नज़र आते हैं। ऐसी क्या मजबूरी है कि मोदी जी नवाज़ शरीफ़ से कभी हाथ मिलाते हैं तो कभी उनके घर केक खाने चले जाते हैं। एक तरफ़ तो भारतीय नागरिक कुलभूषण जाधव को पाकिस्तान फांसी देने की तैयारी कर रहा है और दूसरी तरफ़ भारत पाकिस्तानी क़ैदियों को रिहा कर रहा है। ऐसा करके क्या मोदी जी भारतीय सैनिकों की शहादत का अपमान नहीं कर रहे हैं?
 
सीमापार पाकिस्तान से आतंकवाद भारत में दाख़िल होता है, पाकिस्तान की तरफ़ से बार-बार सीज़फ़ायर का उल्लघंन होता है और आतंकवादी पठानकोट में घुस कर भारतीय सैनिकों पर हमला करते हैं, उसके बाद भी मोदी जी नवाज़ शरीफ़ से हाथ मिलाते हैं और उनकी माताजी का हाल-चाल पूछते हैं। यहां देश की विदेश मंत्री कहती हैं कि आतंकवाद और बातचीत साथ-साथ नहीं चल सकते तो क्या यह मान लिया जाए कि सरकार में दो तरह की विदेश नीति चल रही है। ऐसी स्थिति में आम आदमी पार्टी पांच सवाल भारतीय जनता पार्टी और उनकी केंद्र सरकार से पूछना चाहती है ताकि देश की जनता को भी सच का पता चल सके।
 
 
1.   जाधव को फांसी की तैयारी और पाकिस्तान के क़ैदियों की रिहाई, क्या यही मोदी जी का राष्ट्रवाद है?
 
2.   बीजेपी कहती है कि आतंकवाद और बातचीत साथ-साथ नहीं चल सकती तब मोदी किस मुंह से नवाज़ शरीफ़ से मिल रहे हैंदेश के सामने स्पष्ट करें।
 
3.   विदेश मंत्री सुषमा स्वराज ने खुद कहा था कि आंतकवाद और बातचीत साथ-साथ नहीं चल सकते तो क्या यह माना जाए कि सरकार में दो तरह की विदेश नीति है?
 
4.   इधर सीमा पर सिपाही मारे जा रहे हैं उधर मोदी जी नवाज़ की मां का हाल-चाल पूछ रहे हैं, क्या मोदी जी देश के जांबाजों की शहादत का अपमान नहीं कर रहे हैं?
 
5.   नवाज़ शरीफ़ और मोदी जी के बीच गलबहियां का असली कारण क्या है, कभी केक खिलाते हैं, कभी हाथ मिलाते हैं। कहीं ये अमेरिका के दबाव में तो नहीं हो रहा है?

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